नौतपा की शुरुआत के साथ ही हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर तेजी से महसूस किया जा रहा है। राज्य के निचले जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, नाहन और मंडी में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। पहाड़ों की ठंडी जलवायु के लिए पहचाने जाने वाले हिमाचल प्रदेश में इस बार लोगों को मैदानों जैसी तपिश महसूस हो रही है। मौसम में आए इस बदलाव ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

मौसम विभाग के अनुसार पूरे उत्तर भारत में इस समय तेज गर्मी का प्रभाव बना हुआ है और उसका असर हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों तक पहुंच चुका है। हालांकि तापमान राजस्थान, उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश जितना अधिक नहीं होगा, लेकिन कई क्षेत्रों में ‘above normal heat’ की स्थिति बनी रह सकती है। दूसरी ओर ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन लगातार बदलता मौसम अनिश्चितता भी बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ों में बढ़ती गर्मी बदलते क्लाइमेट पैटर्न का संकेत है, जहां हर साल तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
नौतपा के इस असर ने साफ कर दिया है कि अब गर्मी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और पहाड़ी राज्य भी इससे अछूते नहीं रहे। हिमाचल प्रदेश में बदलता मौसम आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो हिमाचल की ठंडी पहचान और सुहावना मौसम भी प्रभावित हो सकता है। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में पहाड़ों को भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।