15 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले राज्य में सीमा पार से हो रही ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

पंजाब सरकार ने इस गंभीर विषय पर केंद्र सरकार से जवाब मांगते हुए सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
राज्य का कहना है कि पाकिस्तान से लगातार ड्रोन के माध्यम से हथियार और मादक पदार्थ भेजे जा रहे हैं, जिससे पंजाब में नशे की समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यदि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां दुश्मन देशों के सैन्य ड्रोन को निष्क्रिय करने की क्षमता रखती हैं, तो फिर पाकिस्तान से आने वाले वे ड्रोन, जिनके जरिए हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ भारतीय सीमा में पहुंचाए जा रहे हैं, उन्हें समय रहते क्यों नहीं रोका जा रहा।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की है, इसलिए इस चुनौती से निपटने के लिए और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार राज्य के भीतर नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, लेकिन जब तक सीमा पार से होने वाली तस्करी पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी, तब तक इस समस्या पर स्थायी नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक, बेहतर निगरानी व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने की मांग की।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गर्मा गया है।
विपक्ष और राज्य सरकार दोनों ही सीमा सुरक्षा और ड्रोन तस्करी को लेकर केंद्र की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का दावा कर रही हैं।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण बना रह सकता है।