जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य चुनाव में दक्षिणपंथी AfD ने करीब 44% वोट हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी 83 सदस्यीय विधानसभा में 39 सीटों के साथ सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी, हालांकि बहुमत के लिए जरूरी 42 सीटों से वह तीन सीट पीछे रह गई।
इस नतीजे को चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की CDU के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। CDU को सिर्फ करीब 17.2% वोट मिले, जबकि AfD ने 2021 के मुकाबले अपना प्रदर्शन दोगुने से भी ज्यादा मजबूत किया। इससे मर्ज़ की सरकार और उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं।
AfD की इस सफलता के बावजूद उसके लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा, क्योंकि मुख्यधारा की पार्टियां अब तक उसके साथ गठबंधन से इनकार करती रही हैं। चुनाव परिणामों ने जर्मनी की राजनीति में दक्षिणपंथ के बढ़ते प्रभाव और देश की मौजूदा राजनीतिक दिशा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

