भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बाजार में मौजूद अतिरिक्त नकदी को कम करने के लिए करीब ₹1 लाख करोड़ के सरकारी बॉन्ड बेचने की योजना बना रहा है। इस कदम का उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त तरलता को नियंत्रित करना और वित्तीय बाजार में संतुलन बनाए रखना है।
बॉन्ड की बिक्री के जरिए RBI बाजार से अतिरिक्त पैसा वापस खींचेगा। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास उपलब्ध अतिरिक्त फंड में कमी आएगी, जिससे मनी मार्केट में लिक्विडिटी को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।
RBI का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में पर्याप्त तरलता बनाए रखने के साथ-साथ महंगाई और वित्तीय स्थिरता पर भी नजर रख रहा है। बॉन्ड बिक्री से बाजार की ब्याज दरों और सरकारी प्रतिभूतियों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

