संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की स्वतंत्र निगरानी जारी रखने के लिए लाए गए अमेरिकी समर्थित प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो कर दिया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के उस तंत्र को आगे बढ़ाना था, जो ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन की निगरानी करता था।
रूस और चीन के वीटो के बाद प्रतिबंधों की स्वतंत्र निगरानी करने वाले विशेषज्ञों के पैनल का जनादेश समाप्त हो गया। यह पैनल पिछले करीब एक साल से नए सदस्यों की नियुक्ति पर सुरक्षा परिषद में सहमति नहीं बनने के कारण प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा था।
अमेरिका ने प्रस्ताव के खारिज होने पर चिंता जताई और कहा कि इससे प्रतिबंधों के उल्लंघन की निष्पक्ष निगरानी प्रभावित हो सकती है। वहीं, रूस और चीन ने पश्चिमी देशों पर सुरक्षा परिषद की प्रक्रिया का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और ईरान के परमाणु मुद्दे का समाधान कूटनीति के जरिए निकालने पर जोर दिया।

