केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के तहत बुधवार को पुलिस सह-आरोपी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को पुणे के लोहागढ़ किले लेकर पहुंची, जहां अपराध स्थल का दोबारा घटनाक्रम (क्राइम सीन रीक्रिएशन) किया गया। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच चेतन को किले की सीढ़ियों से ले जाया गया, जहां जांच अधिकारियों ने कथित हत्या की पूरी घटना को क्रमवार समझने और साक्ष्यों का मिलान करने की प्रक्रिया पूरी की।

इससे पहले 28 जून को सह-आरोपी 20 वर्षीय सिया गोयल को भी लोहागढ़ किले ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया गया था। उस दौरान पुलिस ने एक डमी (मैनिकिन) का इस्तेमाल कर यह दिखाया था कि कथित तौर पर 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को किले से नीचे कैसे धक्का दिया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर इस हत्या की साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के साथ किए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन जांच का अहम हिस्सा हैं। इनकी मदद से घटनाक्रम की पुष्टि, गवाहों के बयानों का मिलान और अन्य साक्ष्यों को मजबूत किया जा रहा है। चर्चित हत्याकांड में पुलिस लगातार फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटा रही है तथा मामले की गहन जांच जारी है।