भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल से जून 2026 के बीच देश की GDP 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो बाजार के अनुमान 7.1 प्रतिशत से काफी अधिक है। मजबूत घरेलू मांग, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को इस वृद्धि की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि वित्तीय सेवाओं में भी मजबूत विस्तार देखने को मिला। निजी निवेश में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। सरकार के लिए यह आंकड़ा ऐसे समय में राहत देने वाला है, जब वैश्विक स्तर पर व्यापारिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों के सामने कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की कमजोरी और महंगाई जैसे जोखिम अभी भी बने हुए हैं। इसके बावजूद मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था के चलते भारत की सालाना विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
