उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 17 वर्षीय कक्षा 11 के छात्र की हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। मुख्य आरोपी के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है। पुलिस के अनुसार, 28 जून को खोड़ा इलाके में एक विवाद के दौरान छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि आरोपी और उसके साथियों ने छात्र को एक गली में बुलाया, जहां कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया। गंभीर रूप से घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी पर ₹50,000 का इनाम घोषित था। 1 जून की सुबह वसुंधरा इलाके में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी मारा गया। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि, इस दौरान एक अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे और पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
अब यह मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दोस्ती की आड़ में होने वाली हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और अभिभावकों को अपने बच्चों को सही दिशा देने की जरूरत है। वहीं, विपक्षी दलों, जिनमें Indian National Congress और Samajwadi Party शामिल हैं, ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि न्याय कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए और अपराध के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।