प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रूस दौरे के दौरान मॉस्को में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की ऐतिहासिक टी20 वर्ल्ड कप जीत को खास अंदाज़ में याद किया। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ क्रिकेट का एक क्षण नहीं थी, बल्कि यह नए भारत की सोच, आत्मविश्वास और संघर्ष की असली कहानी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस जीत को देश के युवाओं की ऊर्जा और उनके “कभी हार न मानने” वाले रवैये का प्रतीक बताया।

अपने भाषण में मोदी ने कहा कि भारतीय टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, अनुशासन और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन किया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत के पीछे खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और देश के प्रति जुनून साफ दिखाई देता है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह सफलता बताती है कि जब भारत के युवा ठान लेते हैं, तो वे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं और इतिहास रच सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है, चाहे वह देश में हो या विदेश में। उन्होंने कहा कि आज भारत खेल, तकनीक, अर्थव्यवस्था और वैश्विक कूटनीति हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। टी20 वर्ल्ड कप की जीत उसी उभरते हुए आत्मविश्वासी भारत की झलक है, जो दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।