दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर कहा है कि न तो पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा और न ही 24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति होगी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा रास्ता तलाशना होगा, जिसमें लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान भी हो और प्रदूषण से बचाव भी किया जा सके।
कोर्ट के मुताबिक पटाखे चलाने के लिए निर्धारित समय सीमा तय की जा सकती है और केवल कुछ निर्धारित प्रकार के पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी। सुनवाई के दौरान नई पीढ़ी के ग्रीन पटाखों पर भी चर्चा हुई, जिनमें छोटे शेल और लंबे समय तक फटने की क्षमता है। CSIR-NEERI के अनुसार इन पटाखों से उत्सर्जन में कमी आ सकती है।
फिलहाल दिल्ली-NCR से जुड़े विशेष प्रतिबंधों पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला टाल दिया है, क्योंकि इसी मुद्दे से जुड़ा एक मामला मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने लंबित है। वहीं, चार शहरों में ग्रीन पटाखों के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर NEERI का अध्ययन जारी है, जिसकी रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2026 तक आने की उम्मीद है।

