सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पेट्रोल पंपों और ईंधन की रसीदों पर पेट्रोल में मिलाए गए एथेनॉल की सटीक मात्रा बताना अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया।

याचिका में मांग की गई थी कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि वे जिस पेट्रोल की खरीद कर रहे हैं, उसमें एथेनॉल की कितनी मात्रा मौजूद है। इससे वाहन मालिकों को अपने वाहन के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन की संरचना के बारे में अधिक जानकारी मिलने की बात कही गई थी।
यह मामला ऐसे समय में आया है जब भारत पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल की सटीक मात्रा की जानकारी प्रदर्शित करने की अनिवार्यता लागू नहीं होगी।

