नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनिश्चितकालीन अनशन को समाप्त कर दिया है। उन्होंने यह फैसला सरकार की ओर से बातचीत के आश्वासन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न करने के संकेत मिलने के बाद लिया। पिछले कई दिनों से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था।

वांगचुक ने अपने संबोधन में कहा कि उनका अनशन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने के लिए था। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों को न्याय दिलाना है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाते रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि अनशन समाप्त होने का मतलब आंदोलन का अंत नहीं है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की और उम्मीद जताई कि संवाद के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकलेगा। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।