यूरोप इस समय भीषण गर्मी और विनाशकारी जंगल की आग (Wildfires) की दोहरी मार झेल रहा है। फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, ग्रीस और रोमानिया समेत कई देशों में लगातार बढ़ते तापमान और सूखे मौसम ने आग को और अधिक भयावह बना दिया है। अब तक लगभग 5 लाख हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इन आपदाओं से 3.1 अरब यूरो (करीब 3.2 अरब डॉलर) से अधिक का आर्थिक नुकसान हो चुका है, जो यूरोपीय संघ के पूरे साल के औसत अनुमान से भी अधिक है।

स्थिति सबसे अधिक गंभीर ग्रीस, फ्रांस और स्पेन में बनी हुई है। ग्रीस में आग बुझाने के दौरान दो दमकल हेलीकॉप्टरों की टक्कर हो गई, जिसमें एक ग्रीक और एक डेनिश चालक दल के सदस्य की मौत हो गई। वहीं, फ्रांस और स्पेन में तेज़ हवाओं और 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान ने आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल बना दिया है। कई इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और हजारों अग्निशमन कर्मी लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण यूरोप में हीटवेव और जंगल की आग की घटनाएं लगातार अधिक तीव्र और लंबी होती जा रही हैं। आग से केवल जंगल ही नहीं, बल्कि कृषि, पर्यटन, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई नदियों में जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है, जिससे बिजली उत्पादन और जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। यूरोपीय संघ ने इस संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त अग्निशमन बल, विमानों और आपदा राहत संसाधनों को तैनात किया है, जबकि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले सप्ताहों में स्थिति और गंभीर हो सकती है
