उत्तराखंड के चमोली जिले में टनल हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के बाद से दो मजदूर अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं। रेस्क्यू टीमों का मुख्य फोकस टनल के उस हिस्से तक पहुंचना है, जहां दोनों मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF, NDRF, ITBP, पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार जुटी हुई हैं। टनल के भीतर जमा पानी को पंपों के जरिए बाहर निकालने के साथ-साथ मलबे और कीचड़ को हटाया जा रहा है। बचावकर्मी बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि हादसे के बाद टनल का बड़ा हिस्सा पानी और मलबे से भर गया है। अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू टीमों ने अंदर मौजूद भारी मशीनरी और मलबे को हटाने के लिए कई स्तरों पर अभियान चलाया है। हाल ही में तीन JCB मशीनों को भी टनल से बाहर निकाला गया, जिससे आगे की कार्रवाई के लिए जगह बनाने में मदद मिली है।
इस हादसे में आठवीं मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि दो मजदूरों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। प्रशासन का कहना है कि लापता मजदूरों को खोजने के लिए अभियान पूरी गंभीरता से जारी रहेगा। वहीं, हादसे की परिस्थितियों और इसके कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। फिलहाल पूरा ध्यान दोनों लापता मजदूरों को तलाशने और सुरक्षित बाहर निकालने पर है। रेस्क्यू टीमें पानी, मलबे और टनल के भीतर की अस्थिर परिस्थितियों के बावजूद लगातार अभियान चला रही हैं।।

