भारत ने तुर्किये के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर का संदर्भ दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को कहा कि भारत एर्दोगन की टिप्पणियों को “अनुचित” मानता है।
एर्दोगन ने 22 सितंबर को UNGA के 81वें सत्र में दक्षिण एशिया के विवादों, जिसमें कश्मीर भी शामिल है, को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत बातचीत के जरिए हल करने की बात कही थी। इसके जवाब में भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर का मामला भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से जुड़ा है।
MEA ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों में किसी बाहरी पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। भारत का रुख लंबे समय से रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और भारत-पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों को द्विपक्षीय स्तर पर शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।

